13 September, 2012

जोहार मिलन केन्द्र हल्द्वानी में 15 अगस्त


जोहार मिलन केन्द्र, हल्द्वानी  में पहिली बार 15 अगस्त प्रातः 8 बजे अध्यक्ष, जोहार शौका केन्द्रीय समिति द्वारा झंडारोहण  किया गया जिसमें काफी संख्या में लोगों ने उपस्थिति दी। 

सायंकाल 5.30 बजे जोहार मिलन केन्द्र में एक विशेष बैठक मिलन केन्द्र अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह पाँगती  जी के अध्यक्षता में  सम्पन्न हुयी। बैठक का सभा संचालन श्री भूपेन्द्र सिंह पाँगती ने किया। यह विशेष बैठक श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया,से.नि. कमान्डर बीएसएफ, द्वारा अपनी पुत्री स्व. कु. दीपा मर्तोलिया के दूसरे पुण्यतिथि जो 15 अगस्त को पडता है के स्मृति में जोहार मिलन केन्द्र, हल्द्वानी को सहयोग राशि प्रदान किये जाने के निर्णय पर आयोजित किया गया।

मंच पर श्री देवेन्द्र सिंह धर्मसक्तू, अध्यक्ष जोहार वैलफेयर व सांस्कृतिक संगठन, हल्द्वानी, श्रीमती तारा जंगपांगी, अध्यक्षा, जोहार महिला संगठन, हल्द्वानी तथा श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया, को आमंत्रित किया गया।

श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया,से.नि. बनराजि अधिकारी नें आज से ठीक दो वर्ष पूर्व हुये कु. दीपा मर्तोलिया की हत्या तथा उससे उत्पन्न हुये शौका जनआक्रोश जो चार दिन तक चला और जिसमें रं संस्था ने भी पूरा सहयोग दिया तथा कानूनी कार्यवाही आदि के बारे में  सविस्तार बताया। फलस्वरूप पुलिस व शासन हरकत में आयी और इसके चलते मुख्य अभियुक्त दिनेश हैडिया ने पुलिस के आगे समर्पण किया तथा अंततोगत्वा आत्महत्या के प्रयत्न में पहिले अस्पताल तथा अंत में दिंवगत हुवा।

श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया,से.नि. कमान्डर बीएसएफ, ने कहा कि उनकी पुत्री दीपा मर्तोलिया, मोना में सहायक अध्यपिका थीं और उसके द्वितीय पुण्यतिथि पर वे मिलनकेन्द्र के अधूरे निर्माण में सहयोग हेतु रु. 1,11,111/- का चेक प्रदान करते हैं तथा साथ ही परम पिता से प्रार्थना करते हैं कि वे जोहार मिलन केन्द्र को ऐसा आशिर्वाद दें कि वह सामाजिक कार्यों व आपसी सहयोग में उत्तरोत्तर वृद्धि करे। चेक अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह पाँगती  जी ने सधन्यवाद ग्रहण किया।

श्रीमती तारा जंगपांगी, अध्यक्षा, जोहार महिला संगठन ने कु दीपा की आत्मा के शान्ति तथा उनके परिवार को उस दुःख को वहन करने की भगवान से प्रार्थना की।

श्री कैलाश सिंह  धर्मसक्तू ने कहा कि कु. दीपा की यादे हमारे दिलों में बनी रहेंगी। इस अमानवीय कृत्य के दौरान सभी महिलायों, बच्चो व बुजुर्गों ने जो एकजुटता दिखाई वह सराहनीय था तथा आशा व्यक्त किया कि भविश्य में भी हम धटनाओं व दुर्धटनाओं में ऐसी ही प्रतिक्रिया व एकता का परिचय देगें।

श्रीमती चन्द्रा टोलिया नें 15 अगस्त के शुभअवसर पर सभी स्वतंत्रता सेनानियों का नमन किया तथा कहा कि अगर हम नये विचारो के अनुरूप इस दुर्धटना से पहिले प्रयास करते तो शायद कु. दीपा आज हमारे बीच एक शादीशुदा जिंदगी व्यतीत कर रही होती। उन्होने सभी का ध्यान हाल के समाचार की ओर आकर्षित किया जिसमें श्रीमती गंगोत्री टोलिया के मलेशिया में इन्टरनेशनल बैडमिन्टन में कांश्य पदक जीता।उनके मतानुसार शायद यह स्त्रीयों की उपेक्षा का नतीजा है। उन्होने सुझाव दिया कि श्रीमती गंगोत्री को उचित रूप में सम्मानित किया जाय।

श्री सत्यवान सिंह जंगपांगी ने कहा कि मिलन केन्द्र एक मंदिर के समान है। उन्हे यहाँ एक वर्ष से अधिक हो गया है और उन्होने पाया है कि यहाँ पर कुछ न कुछ होता रहता है। इसका लोकेशन बहुत ही बढ़िया है जो उसे बहुत उपयोगी बनाता है। अतः उसे इस प्रकार सशक्त करने के लिए श्री मर्तोलिया जी को धन्यवाद किया और आशा व्यक्त किया कि अब और लोग भी इस तरह की प्रेरणा लेंगे ओर इसे अधिक उपयोगी बनायेंगे।

श्री देवेन्द्र सिंह धर्मसक्तू ने समाज तथा अपने संगठन की ओर से कु. दीपा की आत्मा की शान्ति की कामना की। उन्होने श्री चन्द्र सिंह जी की सोच जिसमें उन्होने अपने पुत्री के स्मृति में धन देने की भूरी भूरि सराहना की तथा कहा कि जब तक यह मिलन केन्द्र रहेगा तब तक कु. दीपा की याद बनी रहेगी। उन्होने इस अवसर पर सभी शौकाओं के हल्द्वानी में विगत आरक्षण रैलियों में सक्रीय योगदान का भी आभार व्यक्त किया।

श्री सुन्दर सिह मर्तोलिया जी ने कहा कि दो वर्ष पहिले जब यह धटना हुयी थी वे यहाँ थे। हर व्यक्ति अपने बच्चो के लिये क्या क्या मंसूबे बनाता है परन्तु ऐसी अप्रिय धटना होने पर जो दुखः तकलीफ होती है वह जिसपे बीतती है वही जानता है। आज हम सभी श्रीमती व श्री मर्तोलिया जी के दुखः में शामिल हैं। उन्होने सभी उपस्थित व अन्य लोगों को संदेश देना चाहा  कि वे अपने बच्चो को अच्छे संस्कार दें तथा उनसे अपनापन बनाये रखें ताकि उस भाँति की दुखद धटनाओं की पुनरावर्ति न हो। अगर वे कुछ लीक से हट कर करना चाहते हैं तो उस पर वे, रिस्तेदार तथा समाज उपयुक्त विचार करें।

अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह पाँगती  जी ने कहा कि जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी कुर्बानी देकर इस दिन देश को आजादी दिलायी उसी भाँति कु. दीपा की कुर्बानी ने शौकाओं में एकता जगायी। अतः यह उचित होगा कि इस दिन को हम शौका एकता दिवस के रूप में भी मनायें। उन्होने श्री चन्द्र सिंह के इस कृत्य को भी एकता का ही रूप माना जिसमें उन्होने एक एक ईग्यारह की जगह 6 एक से लाख से अधिक बना दिया। मिलन केन्द्र के पदाधिकारियों की तरफ से उन्होने श्री चन्द्र सिंह को इस सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि उसका सही उपयोग होगा। इसके अलावा सूचित किया कि श्रीमती गंगोत्री टोलिया को जोहार महोत्सव में सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। उनके विचार में पैसे के सदुपयोग हेतु यहाँ कई संस्थाये हैं जिनमें मिलन केन्द्र की भूख अधिक है क्योकि इसके तिमंजिले में शीघ्र ही निर्माण करने का प्रस्ताव है तथा अपील किया कि सभी इसमें अपनी सहभागिता दें। अंत में उन्होने आशा व्यक्त किया कि कु. दीपा की स्मृतिपटल सामने लगेगा जो यहाँ के लोगों की आत्माओं को ठंडक पहुचायेगी। उन्होने Short Notice पर इस विशेष बैठक में आने के लिये सभी का आभार व्यक्त किया।

नरेन्द्र सिंह पाँगती, सचिव मिलन केन्द्र ने श्री चन्द्र सिंह मर्तोलिया जी को मिलन केन्द्र पर विश्वास जताने पर  आभार व्यक्त किया तथा उनको उनके धन का सही उपयोग का आश्वासन भी दिया और सभी आगुन्तकों को बैठक में आने का धन्यवाद कर सभा का समापन किया।

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